Wednesday, December 7, 2016

”गेहूं ,लहसुन व प्याज में खरपतवार का नियंत्रण ” “Weed Control in Wheat, Garlic & Onion”

”गेहूं ,लहसुन व प्याज में
खरपतवार का नियंत्रण ”
“Weed Control in Wheat,
Garlic & Onion”   
A.   गेहूं में खरपतवार नियंत्रण
·       गेहू की बुवाई पलेवा करके सीड ड्रिल से करनी चाहिए क्योकि पलेवा व लाईन में बुवाई करने से खरपतवार का प्रकोप कम होगा व खरपतवार को आसानी से नियंत्रित कर सकते है.
•      गेहू में मुख्यत: दो प्रकार के खरपतवार उगते है . चौडी पत्ती के एवं सकरी पत्ती के खरपतवार.
 खरपतवारनाशी
1.
Carfentrazone-ethyl 40% DF (कार्फेंटराजोन एथिल)

•      इसको बुवाई २०-३० दिन के बाद उपयोग करते है जब खरपतवार २-३ पत्ती की अवस्था की होती है.
•      यह चोडी पत्ती के खरपतवार- हिरनखुरी (convolvulus sp.), कृष्ण नील (Anagallis), बथुआ (chenopodium), सत्यानाशी (argimone sp), चटरी मटरी (vicia sp.), बटन वीड (malva sp),
 मकोई (solanum sp), बड़ी दूधी(euphorbia) आदि को मारता है.
•      मात्रा- 20 ग्राम एक एकड़ में .
•      20 ग्राम दवाई को 100-200 मिली  हलके गर्म पानी में घोल ले इसको 8-10 मग्गे पानी में मिला ले व 15 लीटर के पानी वाले पम्प में एक मग्गा डालकर एक एकड में स्प्रे करे.
•      एक एकड़ में 8 से 10 पंप का स्प्रे करे .
2. Clodinofop-propargyl 15% wp.
क्लोडिनोफोप
–प्रोपर्जिल
•      यह सकरी पत्ती के खरपतवार गुल्ली डंडा (फेलेरिस माइनर ), व जंगली जई (wild oat) को नियंत्रित करता है.
•      यह गेहू की बुवाई के 35-45 दिन के बाद जब खरपतवार 5-7 पत्ती की अवस्था में होती है तब प्रयोग करते है.
•      मात्रा- 160 ग्राम/एकड़.
3. Metsulfuron-methyl 20% WP
मेटसल्फूरोन-मैथिल
•      यह चोडी पत्ती के खरपतवार बथुआ ,कृष्णनील, सेंजी, जंगली प्याज,सत्यानाशी, चटरी मटरी,जंगली पालक,मेडीकागो,आदि को नष्ट करता है.
•      इसको गेहु की बुवाई २०-३० दिन के बाद उपयोग करते है जब खरपतवार 3-4 पत्ती की अवस्था की होती है.
•       मात्रा – 8 ग्राम/एकड़.
4. Sulfosulfuron 75% WG
सल्फोसल्फुरोंन
•      यह सकरी पत्ती -एव चोडी पत्ती के खरपतवार को मारता है जैसे - गुल्ली डंडा (फेलेरिस माइनर), सैंजी (melilotus sp ), जंगली जई, बथुआ, लेथाईरस, मेडीकागो आदि.
•      यह गेहू की बुवाई के 25-35 दिन के बाद जब खरपतवार   
2-4 पत्ती की अवस्था में हो तब प्रयोग करते है.
•      मात्रा – 13.5 ग्राम दवा/एकड़  + 500 मिली चिपको.
•      13.5 ग्राम दवा को व चिपको को 8 लीटर पानी में घोले.
•      एक पम्प में 1 लीटर डालकर स्प्रे करे.
•      एक एकड़ में 8 पंप का स्प्रे करे.
सावधानिया
खरपतवारनाशी का प्रयोग करने से पूर्व वैज्ञानिक सलाह जरूर ले व पैकिट के साथ आने वाले लीफलेट को जरूर पड़े.
•      दवाई छिड़कने के बाद पंप को अच्छी तरह थोडा यूरिया डालकर साफ कर ले .
•      यह सब केमीकल/टेक्नीकल नाम है अत: किसानो को याद रखना चाहिए एवं किसी ब्रान्डेड कंपनी के ही खरपतवारनाशी प्रयोग करने चाहिए.
•      खरपतवारनाशी का प्रयोग करते समय खेत में नमी होना आवश्यक है.

 

लहसुन एवं प्याज के खरपतवारनाशी
Quizalofop ethyl 5% EC+ Oxyfluorfen 23.5% EC
क्युजालोफोप एथिल + ओक्सिफ़्लुओरफेन
·       यह एक पोस्ट इमरजेन्स खरपतवारनाशी है.
•      यह कोम्वीनेसन लहसुन एवं प्याज में सकरी व चोडी पत्ती, दोनों प्रकार के खरपरवार का  नियंत्रण करता है.
•      मात्रा – 300 मिली (Quizalofop ethyl 5% EC) + 100 मिली/ एकड़  (Oxyfluorfen 23.5% EC)
•      यह फसल में वुबाई/रोपाई के बाद जब खरपतवार 4-5 पत्ती की अवस्था में हो तब डाली जाती है.

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8 comments:

  1. ईसबगोल के लिए खरपतवार नाशी दवा कोनसी है?

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  2. Can I use in maize with tynzer

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  3. Meti k liye konsi dawa kharpatwar k liye

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  4. बहलोरिया भांग कौन सी दवा डालें

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    1. भांग में कौन से बड़ा ले

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